जगतगुरुआचार्य गरीबदास जी महाराज हरिद्वार की 309 वी जयंती पर निकली विशाल शोभा यात्रा
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April 28, 2026
कमल अग्रवाल (हरिद्वार) उत्तराखंड
जनपद हरिद्वार / (ठाकुर मनोजानंद)आज पावन नगरी हरिद्वार में परम पूज्य जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की 309वीं जयंती महोत्सव के शुभ अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा एवं धर्मसभा में अनेक संत-महात्माओं ने अपने प्रेरणादायक वचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और गुरु महिमा का अमृतपान कराया। संतों ने एक स्वर में कहा कि जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज का जीवन सनातन धर्म की महान तपस्या, त्याग और लोककल्याण का अद्भुत उदाहरण है महामंडलेश्वर अवधूत स्वामी ब्रह्म स्वरूप जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज का जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि मनुष्य का वास्तविक धर्म ईश्वर भक्ति, गुरु सेवा और मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि संत समाज ही धर्म की वास्तविक धुरी है, जो समाज को सत्य और धर्म के मार्ग पर अग्रसर रखता है। श्री महंत रवि देव महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज की वाणी में ऐसा दिव्य तेज था जो अज्ञान के अंधकार को मिटाकर आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाता है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों का अनुसरण कर ही समाज में शांति और सद्भाव स्थापित हो सकता है। श्री महंत दिनेश दास जी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन त्याग, तपस्या और लोकमंगल के लिए समर्पित होता है। आचार्य गरीब दास जी महाराज ने अपने जीवन में धर्म की रक्षा और समाज के उत्थान का जो कार्य किया, वह युगों तक स्मरणीय रहेगा। महंत ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु ही वह शक्ति हैं जो शिष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं। आचार्य गरीब दास जी महाराज ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि गुरु कृपा से ही जीवन का उद्धार संभव है। स्वामी योगेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि आज के समय में संतों के उपदेशों का महत्व और भी बढ़ गया है। आचार्य गरीब दास जी महाराज की शिक्षाएँ मानवता, प्रेम और धर्म के संरक्षण का संदेश देती हैं, जिन्हें अपनाना समय की आवश्यकता है।
महंत रामानंद जी पहलवान जी ने अपने विचारों में कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, सेवा और सदाचार का पालन ही वास्तविक धर्म है। आचार्य गरीब दास जी महाराज का जीवन इसी का श्रेष्ठ उदाहरण है।
स्वामी कृष्णदेव जी महाराज ने कहा कि संतों की वाणी में ईश्वर का वास होता है। आचार्य गरीब दास जी महाराज ने अपने उपदेशों से लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दी और उन्हें भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। स्वामी मोहन सिंह जी महाराज ने कहा कि ऐसे महान संतों की जयंती केवल उत्सव नहीं होती, बल्कि उनके जीवन आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर होती है। उन्होंने कहा कि समाज को उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। महंत जगजीत सिंह महाराज ने कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज का तप, त्याग और भक्ति भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से हमें सेवा, समर्पण और धर्मनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है।
महंत सूरज दास जी महाराज ने अपने विचारों में कहा कि संत समाज की शक्ति ही धर्म की रक्षा का आधार है। आचार्य गरीब दास जी महाराज जैसे महान संतों की शिक्षाएँ समाज को एकजुट कर धर्म के प्रति आस्था को दृढ़ करती हैं। सभी संतों ने एक स्वर में कहा कि जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की 309वीं जयंती महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की दिव्यता, गुरु परंपरा की महिमा और भक्ति की अमर धारा का महापर्व है। इस अवसर पर निकली शोभायात्रा, गूंजते जयघोष, भजन-कीर्तन और संतों के दिव्य वचनों ने सम्पूर्ण हरिद्वार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की कृपा समस्त भक्तों पर बनी रहे तथा उनके आदर्श युगों-युगों तक समाज को प्रकाश देते रहें। जय गुरुदेव। जय गंगा मैया। जय सनातन धर्म।
इस अवसर पर महंत जयरामदास महाराज महंत बिहारी शरण महाराज स्वामी अंकित शरण महाराज महंत सूरज दास महाराज स्वामी कृष्ण स्वरूप जी महाराज स्वामी कृष्ण देव जी महाराज स्वामी प्रेमानंद जी महाराज महंत योगेंद्रिनंद महाराज महंत दिनेश दास महाराज महंत मस्त गिरी महाराज महंत कमलेशानंद सरस्वती महाराज महंत कमलेश्वरानंद सरस्वती महाराज स्वामी हरिदास जी महाराज महंत प्रेम दास जी महाराज स्वामी प्रेमानंद महाराज बालक दास जी महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज कोतवाल श्याम गिरी महाराज सहित अनेको आश्रम मठ मंदिर से आये संत महापुरुषों ने शोभायात्रा में भागलिया