रवासन नदी पहुंचकर लोकप्रिय विधायक हरिद्वार ग्रामीण अनुपमा रावत ने प्रदर्शन किया और 10 दिनों के अंदर पुल का निर्माण शुरू करने की मांग की
www.shrimannews.in
September 9, 2026
कमल अग्रवाल( हरिद्वार )उत्तराखंड

हरिद्वार ग्रामीण : हरिद्वार के लालढांग में रवासन नदी पर पुल बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। बीते दिनों रवासन नदी पार करते समय बह जाने से स्कूल से लौट रहे एक छात्र की मौत हो गई थी। उससे पहले एक ग्रामीण तेज बहाव में बहकर लापता हो गया, जिसकी अभी तक तलाश नहीं हो सकी है। बुधवार को समर्थकों के साथ रवासन नदी पहुंचकर हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने प्रदर्शन किया और 10 दिनों के अंदर पुल का निर्माण शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही पल का निर्माण मृतक छात्र आर्यन भट्ट के नाम पर रखने की मांग भी उठाई गई। विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि अगर 10 दिनों के अंदर निर्माण कार्य शुरू नहीं होता तो वह आमरण अनशन करेगी।
अनुपमा रावत ने बताया कि साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यहां से 3 किलोमीटर दूर दूसरे पुल का निर्माण किया था और लाल डांग क्षेत्र में नए पुल की स्वीकृति की थी। लेकिन उसके बाद सरकार बदल गई और भाजपा सरकार के राज में पुल निर्माण के लिए बजट नहीं जारी किया जा रहा है आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के राज में लालढांग क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों की उपेक्षा की जा रही है। लोगों की पानी में बहकर मौतें हो रही है लेकिन पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा है। बताया कि पुल निर्माण की प्रक्रिया जारी है वन विभाग और जिला प्रशासन की स्वीकृति मिल गई है लेकिन शासन से बजट जारी नहीं किया जा रहा है
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के अंदर झूला पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो नदी किनारे ही आमरण अनशन किया जाएगा। भाई धान को समर्थन देने के लिए कई ग्रामीण भी पहुंचे। रवासन नदी के दोनों और मीठी बेरी, रसूलपुर बड़ा, रसूलपुर छोटा और लालढांग समेत दर्जनों गांव बसते है।
बरसात के समय रवासन नदी मैं पहाड़ों से तेज बहाव के साथ पानी आता है। मजबूरी में ग्रामीण तेज धारा के बीच जान जोखिम में डालकर नदी को पार करते हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने नदी की ओर जाने वाले रास्तों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। लेकिन मजबूरन ग्रामीण लंबा चक्कर काटने की बजाय नदी के बीच से जाया करते हैं।