गंगा में बहने से आठ शिवभक्तों को SDRF टीम ने बचाया
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July 19, 2025
कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड
जनपद हरिद्वार *आज दिनांक 19.07.2025 को कांवड़ मेला–2025 के अंतर्गत कांगड़ा घाट,बैरागी कैंप घाट तथा प्रेमनगर आश्रम घाट हरिद्वार में ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ डीप डाइविंग टीम द्वारा 6 अलग-अलग घटनाओं में 8 शिवभक्तों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया गया।
🚨प्रथम घटना – समय 12:20
एक भोला (कावड़ी) गंगा नदी को पार करने की कोशिश में नदी में बहने लगा , नदी का बहाव तेज होने से नदी के बहाव में बहने लगा कावड़ी को डूबता हुआ देखकर SDRF टीम जो कि पहले से ही किसी अप्रिय घटना को रोकने लिए नदी के किनारे मुस्तैद है, टीम के सदस्य hc विजय खरोला व नीतेश खेतवाल द्वारा डाइव लगाकर डूबते हुए कावड़ी तक पहुंच बनाई तथा टीम के अन्य सदस्यों Adsi प्रवेंद्र धस्माना व कविंद्र द्वारा थ्रो बैग और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से उक्त कावड़ी को शकुशल रेस्क्यू कर किनारे पर लाया गया, उक्त कावड़ी घबरा गया था जिसे टीम द्वारा आराम से बैठाकर सांत्वना दी गई।
♦️विपिन S/O रामकुमार उम्र- 18 वर्ष, भंडेरा, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🚨द्वितीय घटना – 12:40
एक कावड़िया गंगा स्नान के दौरान अचानक पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बहने लगा SDRF टीम द्वारा बिना देरी किए तत्काल कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह व नीतेश खेतवाल द्वारा नदी में डाइव लगाकर डूबते हुए कावड़िया को शकुशल समय रहते रेस्क्यू किया गया रेस्क्यू कार्य में कांस्टेबल प्रेम सिंह, शिवम्, अंकित पाल का भी अहम योगदान रहा।
♦️आकाश S/O शिवकुमार उम्र- 28 वर्ष निवासी- भजनपुरा, दिल्ली।
🚨तृतीय घटना 13:32
गंगा स्नान के दौरान एक कावड़ी नदी पार करने की कोशिश में नदी में बहने लगा और मदद के लिए चिलाने लगा SDRF टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए टीम सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया गया जिसमें SdRF टीम से hc आशिक अली अल्प समय में डग्गी की सहायता से डूबते हुए शिवभक्त के पास पहुंचे दूसरे छोर से कविंद्र चौहान व नीतेश खेतवाल द्वारा डाइव लगाकर नदी में तैरकर पहुंच बनाई गई इसी बीच कांस्टेबल सुरेश, tech अंकित पाल द्वारा नदी के किनारे आगे की ओर भागकर थ्रो बैग फेंका गया जिसे रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़ कर उक्त कावड़ी को डग्गी में बिठाया गया थ्रो बैग की सहायता से उक्त कावड़िया को किनारे लाया गया । टीम के संयुक्त प्रयास से कावड़ी को शकुशल रेस्क्यू किया गया।
♦️विशू S/O शेखर उम्र -17 वर्ष निवासी- पिलकनी, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।
SI पंकज खरोला, ADSi प्रवेंद्र धस्माना Hc आशिक अली, विजय खरोला, Ct अनिल कोटियाल, प्रकाश मेहता, रमेश भट्ट, Fm नितेश खेतवाल ,ct प्रेम सिंह,सुरेंद्र कुमार, शिवम सिंह, कविन्द्र चौहान,सुरेश मलासी, tech अंकित
🟦 बैरागी कैंप घाट 🚨चतुर्थ घटना – 14:00
कुछ श्रद्धालु नदी को पार कर रहे थे,इसी दौरान एक श्रद्धालु के पैर में चोट लग जाने के कारण वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। मौके पर तैनात एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साहसिक रेस्क्यू किया, आरक्षी गुड्डू कुमार व चंदन रौतेला ने नदी में छलांग लगाकर, तथा प्रदीप रावत ने थ्रो बैग फेंककर श्रद्धालु को सफलतापूर्वक बचाया।
*बैरागी कैंप रेस्क्यू टीम* SI आशीष त्यागी, HC राकेश रावत, खीम सिंह, आरक्षी विक्रम नेगी, प्रदीप कुमार, गुड्डू कुमार, चंदन रौतेला, आनंद कुमार
🟦 प्रेमनगर आश्रम घाट 🚨पंचम घटना, समय 12:40
कुछ कावड़ीये प्रेम नगर घाट पर नहा रहे थे उन भक्तों में से अचानक 2 कावड़िये बहने लगे यह देख प्रेम नगर घाट पर उपस्थित एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए थ्रो बैग व लाइफ बाय की सहायता से दोनों कांवड़ियों को तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाल लाए, जिसकी सभी शिवभक्तों द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई।
कांवड़ियों का नाम
1. रोहन जाटव सन ऑफ नवीन जाटव कुमार उम्र 13 वर्ष निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश
2. विवेक जाटव सन ऑफ सुरेश जाटव उम्र 11 वर्ष निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश
🚨*षष्ठम घटना* समय 13:10
कुछ कावड़ीऐ विश्वकर्मा घाट (साक्षी घाट) से बहते हुए प्रेम नगर घाट पुल पर लटकी जंजीरों पर लटक गए, हाथ थकने की वजह से हाथ से जंजीर छूट गई जिससे कावड़िये बहते हुए डूबने लगे यह देख प्रेम नगर घाट पर उपस्थित एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए OBM बोट से कांवड़ियों तक पहुंच बनाई गई व रेस्क्यू तकनीकों से दोनों कांवड़ियों का तेज बहाव से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
कांवड़ियों का नाम
1. अक्षय S/O रामू मुरादनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
उम्र 14 वर्ष
2. सूरज S /O मतीसिंह उम्र 12 वर्ष मुरादनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
*प्रेमनगर रेस्क्यू टीम* Apc दीपक मेहता, HC कपिल कुमार, मनोज चौहान, CT नवीन सिंह, सागर कुमार, Hg अंकित
एसडीआरएफ उत्तराखंड अपनी तत्परता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती है और इस प्रकार की घटनाओं में हर बार अग्रिम पंक्ति में रहकर लोगों की जान बचाने का कार्य करती है।जिम्मेदार नेतृत्व, त्वरित कार्रवाई, समर्पित सेवा एसडीआरएफ उत्तराखंड सेवा, साहस और समर्पण का प्रतीक