Breaking News

शास्त्रार्थ की गूंज से गूंजेगा पतंजलि विश्वविद्यालय

•पारंपरिक शास्त्रों की नई पीढ़ी से भेंट – पविवि हरिद्वार में दो दिवसीय संगोष्ठी

•राष्ट्रीय स्वर्णशालाका में दिखेगा शास्त्रों का तेज और तर्क का वैभव

•पतंजलि विश्वविद्यालय में होगा शास्त्रार्थ का महामंच

कमल अग्रवाल /ऋतिक कुमार

हरिद्वार, 29 जुलाई 2025। पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में 31 जुलाई और 1 अगस्त को दो दिवसीय तृतीय राष्ट्रीय स्वर्णशलाका प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में दिल्ली,हरयाणा,उत्तराखंड ,असम ,वाराणसी ,कर्णाटक के अलावा देशभर के विभिन्न राज्यों के संस्कृत के प्रख्यात विद्वान, शास्त्रज्ञ, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग लेंगे।

यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय परंपरा के गहन विमर्शों को मंच प्रदान करता है, जिसमें न्याय दर्शन, व्याकरण सूत्र, वेद-वेदान्त सहित प्रमुख शास्त्रों के सूत्रों एवं विचारों पर शास्त्रार्थ (वाग्वाद) और वाक्यार्थ (अर्थविचार) प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागी न केवल अपने ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि वैदिक परंपरा में निहित संवाद संस्कृति को भी जीवंत करेंगे।

इस गरिमामयी अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं योगऋषि स्वामी रामदेव, तथा कुलपति एवं आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण की विशेष उपस्थिति रहेगी। वे कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों को अपने आशीर्वचनों से लाभान्वित करेंगे।

कार्यक्रम के पहले दिन (31 जुलाई) को प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों का आयोजन होगा, जिसमें शास्त्रार्थ, वाक्यार्थ और शास्त्रश्रवण प्रमुख आकर्षण होंगे। देश के विद्वानों द्वारा प्रस्तुत गूढ़ तात्त्विक विचार न केवल शास्त्रीय परंपरा को आधुनिक मंच देंगे, बल्कि युवा विद्यार्थियों को भारतीय दर्शन से जोड़ने का कार्य भी करेंगे। वहीं दूसरे दिन (1 अगस्त) को समापन समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वृत्तात्मक शास्त्रश्रवण सत्र का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें शोधार्थी एवं विद्यार्थी पारंपरिक शैली में शास्त्रों का श्रवण कर लाभान्वित होंगे।

यह प्रतियोगिता पतंजलि विश्वविद्यालय की उस सतत पहल का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान पीढ़ी तक पहुँचाकर उसमें नवचेतना का संचार किया जा रहा है। शास्त्रार्थ एवं वाक्यार्थ जैसी विधाओं के माध्यम से यह मंच वैचारिक सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस तृतीय राष्ट्रीय स्वर्णशलाका प्रतियोगिता में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ,नई दिल्ली के कुलपति प्रो.श्रीनिवास बरखेड़ी, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री सहित प्रो. शिवानी, प्रो. ब्रजभूषण ओझा प्रो. भोला झा ,प्रो. मनोहर लाल आर्य प्रो. विजयपाल प्रचेता प्रो. बलवीर आचार्य , प्रो. मुरली कृष्णा , प्रो. मधुकेश्वर भट्ट , डॉ. साध्वी देवप्रिया आचार्य भवेंद्र ,डॉ. एनपी सिंह ,प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल आदि की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

Check Also

अगस्त में जारी होगी आउट ऑफ टर्न जॉब की विज्ञप्ति : रेखा आर्या

कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड देहरादून / राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *