जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और पाप व अत्याचार बढ़ता है,तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते हैं अवतार*पंडित रमाकांत पांडे जी
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September 10, 2025
कमल कुमार / ऋतिक कुमार
जनपद हरिद्वार * गोसाई भवन भीमगोड़ा हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित रमाकांत पांडे जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब कंस का अत्याचार बढ़ गया तब पृथ्वी माता की करुणामय पुकार पर भगवान श्रीकृष्ण ने इस धरा धाम पर अवतार ग्रहण किया।
धर्म की रक्षा के लिए भगवान का अवतार होता है।उन्होंने कंस के अत्याचारों से संसार को मुक्ति दिलाई।कंस को परमधाम पहुंचा दिया।कंस का वध किया।जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और पाप व अत्याचार बढ़ता है,तब-तब भगवान अवतार लेते हैं तथा अपनी भक्तों की रक्षा करते हैं।
भगवान श्रीराम ने भी रावण की अत्याचारों से संसार को मुक्ति दिलाई।जब रावण का अत्याचार पूरे संसार पर बढ़ गया,उसने यज्ञ व अनुष्ठान बंद कर दिए और ऋषि-मुनियों को दंडित करने लगा।प्रजा को कष्ट देने लगा तब पृथ्वी माता की पुकार पर भगवान श्रीराम ने जन्म लिया और रावण की अत्याचारों से संसार को मुक्ति दिलाई।
रावण का वध कर धर्म की स्थापना की।भगवान के सारे अवतार भारत में होते हैं।कथा व्यास आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि भारत पूणय भूमि है।भारत धर्म व तपस्या भूमि है,इसलिए सारे अवतार भारत में होते हैं।भारत की संस्कृति महान है।भारत देश महान है।
भारत की परंपरा महान है,इसलिए हमें निरंतर वसुदेव देवकी की तरह भगवान को पुकारना चाहिए तब भगवान का अवतार होता है।भक्तों के दुख को दूर करते हैं,विशेष करके कलयुग में भगवान की भक्ति,पूजा पाठ और जाप करने से सारे कष्ट दूर होते हैं।आज कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।सभी भक्तों ने भजन कीर्तन के पश्चात प्रसाद ग्रहण किया