Breaking News

श्री श्री 1008 बाल योगी श्री महंत डॉ मोहन दास महाराज रामायणी जी की सप्तम पुण्यतिथि के अवसर पर विशाल संत समागम तथा भंडारे का हुआ आयोजन

कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड

हरिद्वार /( ठाकुर मनोजानंद)भूपतवाला स्थित सिद्ध संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर श्री सीताराम धाम भूपत वाला हरिद्वार में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान सदगुरु देव साकेत वासी श्री श्री 1008 बाल योगी श्री महंत डॉ मोहन दास महाराज रामायणी जी की सप्तम पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशाल संत समागम तथा संत भंडारे का आयोजन किया गया

इस अवसर पर बोलते हुए प्रातः स्मरणीय श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े के श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने कहा गुरुदेव की कृपा वास्तव में अत्यंत भावतारिणी होती है, क्योंकि वह मनुष्य को इस संसार के दुख, अज्ञान और भ्रम के सागर से पार लगाने की शक्ति रखती है। जिस क्षण किसी के जीवन में सच्चे गुरु का प्रवेश होता है, उसी क्षण से उसके भाग्य का उदय प्रारंभ हो जाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए परम तपस्वी विद्वान संत श्री महंत सूरज दास महाराज ने कहागुरुजनों की पावन स्मृतियाँ केवल स्मरण मात्र नहीं होतीं, बल्कि वे जीवन को दिशा देने वाली प्रकाश-रेखाएँ बन जाती हैं। उनके उपदेश, उनका आचरण और उनका सान्निध्य मनुष्य के अंतर्मन में संस्कारों का बीज बो देता है, जो समय के साथ विशाल वटवृक्ष बनकर जीवन को छाया और फल प्रदान करता है।गुरु ही राम हैं, गुरु ही घनश्याम हैं और गुरु ही परम अवतार हैं, क्योंकि वे साक्षात ईश्वर के समान करुणा, प्रेम और सत्य का स्वरूप होते हैं।

गुरु शिष्य को केवल विद्या नहीं देते, बल्कि उसे स्वयं से परिचित कराते हैं। वे बताते हैं कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है और उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है। गुरु का वचन शिष्य के लिए अमृत के समान होता है, जो उसके भय, शंका और निराशा को नष्ट कर देता है। जब मनुष्य डगमगाने लगता है, तब गुरु का स्मरण ही उसे स्थिरता और साहस प्रदान करता है।

श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहागुरु ही कारण हैं और गुरु ही समाधान हैं, क्योंकि जीवन में आने वाली प्रत्येक कठिन परिस्थिति का मार्ग वे अपने ज्ञान और अनुभव से प्रशस्त करते हैं। गुरु का मार्गदर्शन शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर, असत्य से सत्य की ओर और मोह से मुक्ति की ओर ले जाता है। जिस प्रकार सूर्य के उदय से अंधकार स्वतः नष्ट हो जाता है, उसी प्रकार गुरु की कृपा से अज्ञान स्वतः दूर हो जाता है। गुरु के आशीर्वाद से मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं, कर्म पवित्र होते हैं और जीवन सार्थक बन जाता है।गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास रखने वाला शिष्य कभी भी पथभ्रष्ट नहीं होता।

प्रसिद्ध हनुमान गुफा के महंत महामंडलेश्वर प्रातः स्मरणीय श्याम दास महाराज ने कहा गुरु का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है, क्योंकि माता-पिता जन्म देते हैं, परंतु गुरु जीवन जीने की कला सिखाते हैं। उनकी कृपा से ही मनुष्य अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचान पाता है और आत्मिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है। इसलिए कहा गया है कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है और गुरु की कृपा के बिना जीवन अपूर्ण है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महामंडलेश्वर स्वामी हरी चेतनानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद महाराज महंत रघुवीर दास महाराज महंत बिहारी शरण महाराज स्वामी अंकित शरण महाराज स्वामी छुट्टन दास जी महाराज महंत हरिदास महाराज महंत कमलेशवरानंद सरस्वती महाराज महंत मस्त गिरी महाराज महंत जयरामदास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे

Check Also

ऋषिकेश नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त श्री विजय नाथ शुक्ला ने पदभार ग्रहण करने के उपरांत ऋषिकेश विधायक डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की

कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड ऋषिकेश : ऋषिकेश नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त श्री विजय नाथ शुक्ला …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *