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सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर का परीक्षाफल रहा 98.6% भारत सरकार के विज्ञापन प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कृष्णा और तेजस का भी अवार्ड के लिए चयन हुआ

कमल अग्रवाल ( हरिद्वार) उत्तराखंड

हरिद्वार (ठाकुर मनोज मनोजानंद )सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर हरिद्वार का वार्षिक परीक्षा फल वितरण समारोह आज विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक जी, विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री यतींद्र जी, विद्यालय के प्रबंधक श्री जगपाल सिंह जी, कोषाध्यक्ष प्रभु दयाल अग्रवाल जी, सह प्रबंधक डॉक्टर कपिल गोयल जी, भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश निरीक्षक डॉ विजयपाल सिंह जी, विद्या भारती उत्तराखंड में मंत्री डॉक्टर रजनीकांत शुक्ल जी, विद्या मंदिर के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह जी,शिशु मंदिर मायापुर के प्रधानाचार्य श्री करनेश सैनी जी, प्रबंध समिति सदस्य प्रकाश जोशी जी और विद्या भारती प्रदेश कार्यालय प्रमुख हेमराज सिंह जी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और योग प्रदर्शन की प्रस्तुति दी।

इन कार्यक्रमों में लोक नृत्य, होली गीत, गढ़वाली गीत, पंजाबी गीत, देशभक्ति गीत आदि की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह जी ने परीक्षाफल घोषित किया। विद्यालय का कुल उत्तीर्ण परीक्षा फल 98.6% रहा।

विद्यालय की कक्षा अष्टम के बहन गौरी ने सर्वाधिक 96.85% अंक प्राप्त करके जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि कक्षा नवम के भैया प्रियांश वर्मा ने 97.7% अंकों के साथ सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इन सभी भैया बहनों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। जूनियर वर्ग तथा सीनियर वर्ग में प्रत्येक कक्षा वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे 90 भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि मदन कौशिक जी ने कहा अच्छे कार्य करने के लिए समर्पण की भावना से कार्य करना पड़ता है इसके लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें तभी संकल्प पूर्ण होता है। सफलता प्राप्त करने के लिए माता-पिता आचार्य आदि का सहयोग प्राप्त करते हुए पूर्ण मन से कार्य करें जिससे सफलता प्राप्त होती है। इससे आपके परिवार, विद्यालय, शहर, राज्य आदि सभी का गौरव बढ़ता है।

उन्होंने अपनी कक्षा में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को और उनके अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही हिंदी सुलेख प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में वर्षा ने प्रथम, नकुल ने द्वितीय और मीनाक्षी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में करिश्मा ने प्रथम, आरती ने द्वितीय और आंचल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

अंग्रेजी सुलेख प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में वंदना जोशी ने प्रथम, अनुष्का ने द्वितीय तथा अभी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में तृषा ने प्रथम, अनन्या ने द्वितीय और सारिका जाटव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कला प्रतियोगिता में प्रिया ने प्रथम, भावना सैनी ने द्वितीय और यशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गणित एवं विज्ञान विषयों में शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर भूमि, नैतिक वर्मा, यश खत्री, अनन्या प्रजापति, भावेश, दिव्यांशी, दिशा पाटीदार, गौरी, रोहित, वंदना जोशी और प्रियांश वर्मा को पुरस्कृत किया गया।

इसी के साथ सतत प्रयत्नशील भैया बहन के रूप में प्रत्यक्षा, मोहित, आशु, कृष्णा गोसाईं, नंदिनी मिश्रा, रौनक, विश्वास गर्ग, ओम अग्रवाल और आकांक्षा को पुरस्कृत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने पर टीना चौधरी, शक्ति, हिमांशी, त्रियांश शर्मा और नंदिनी शर्मा को पुरस्कृत किया गया।

कला प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पर प्रिय, भावना सैनी और यशिका को पुरस्कृत किया गया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभा करने पर हर्ष कुमार, अभय, शुभम पांडे, आराध्या और अवनी को पुरस्कृत किया गया। श्री यतींद्र जी ने कहा कि नई कक्षा में नया पाठ्यक्रम और नया उत्साह होगा। इसी उत्साह को जीवन भर बनाने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है। जीवन में लक्ष्य निर्धारित करते हुए सतत प्रयत्नशील होकर सफलता प्राप्त कर करेंगे। आपने अपने जीवन का कोई ना कोई लक्ष्य अवश्य निर्धारित किया होगा। आपको इस लक्ष्य को निर्धारित करने के लिए अनेक परीक्षाएं देनी होती हैं जिनमें अनेक समस्याओं का सामना करते हुए हम सफलता को प्राप्त कर लेते हैं। आप भी अपना लक्ष्य निर्धारित करके अपने जीवन में सफलता प्राप्त करें। इस अवसर पर मैं सभी शिक्षकों और अभिभावकों को प्रणाम करता हूं।

डॉ रजनीकांत शुक्ल जी ने कहा कि सफलता के लिए पांच बिंदुओं पर कार्य करना होता है इसमें लक्ष्य का संकल्प, लक्ष्य पाने की इच्छा, दृढ़ इच्छा शक्ति, अनुशासन और कड़ा परिश्रम शामिल है। हम सभी इन पांच बिंदुओं को अपने जीवन में अपना कर किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसी अवसर पर विद्यालय द्वारा एक हस्तलिखित पत्रिका ज्ञानामृत का विमोचन यतींद्र जी, डॉक्टर विजयपाल सिंह जी, जगपाल जी, प्रकाश जोशी जी, अजय सिंह जी और पत्रिका के संपादक नीरज काला जी द्वारा किया गया।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्रीमान अजय सिंह जी ने उपस्थित सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार प्रकट किया और नए सत्र में प्रवेश हेतु सभी को सूचना दी।

इस अवसर पर विद्यालय का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा। अभीगत दोनों सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हरिद्वार के दो छात्रों का चयन इंस्पायर मानक अवार्ड के लिए चयन हुआ था जिसके अंतर्गत था 11 के छात्र कृष्णा एवं कक्षा 9 के छात्र तेजस को अवार्ड के लिए चयनित किया गया था

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