जो भक्त भगवान श्री कृष्ण की शरण में आए तो उसका कल्याण हो जाए : रमेश जी भाई
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September 7, 2026
कमल अग्रवाल (हरिद्वार) उत्तराखंड
जनपद हरिद्वार : उत्तरी हरिद्वार श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास रमेश जी भाई ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मणी जी के साथ उनके कहने पर विवाह किया।ये भगवान श्री कृष्ण जी और रुक्मणी जी का आध्यात्मिक विवाह था।जीव जगत के कल्याण के लिए विवाह था।
कथा व्यास रमेश जी भाई ने कहा कि अगर जीव भगवान से मिलन कर ले तो उसका कल्याण हो जाएगा।हमें श्री रामचरितमानस और श्री भागवत पुराण से बहुत कुछ सीखना चाहिए और यह भी सीखना चाहिए कि पति-पत्नी का संबंध कैसा हो,भाई-भाई का संबंध,पिता-पुत्र का संबंध व समाज में लोगों से संबंध कैसे हों,किस प्रकार हम प्रसन्नता से अपने जीवन को जी पाएं,यही भागवत पुराण हमें सिखाता है और यही रामचरितमानस भी हमें सिखाती है।हमें अपनी संतान को संस्कारवान बनानी चाहिए।उन्हें अच्छे संस्कार देने चाहिए।ऋषि-मुनियों की परंपरा पर चलना चाहिए और धर्म-ग्रंथो को पढ़कर उस पर चिंतन करना चाहिए,जिससे हमारा जीवन सुख-शांति से बीते और हम भक्ति से शक्ति प्राप्त कर सकें।इससे हमारा कल्याण हो जाता है,इसलिए निरंतर परमात्मा की शरण में रहना चाहिए।धर्म-ग्रंथो का अध्ययन करना चाहिए।
श्रीमद् भागवत महापुराण भागवत गीता,श्री रामचरितमानस,हनुमान चालीसा का पाठ निरंतर अपने घर में करना चाहिए,जिससे हमारा जीवन बदल जाता है।कलयुग में परम शांति का यही उपाय है कि हम निरंतर प्रभु भक्ति करते रहें।