Breaking News

ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर श्री भगवान दास महाराज इस पृथ्वी लोक पर ज्ञान का एक विशाल सूर्य थे : श्री महंत विष्णु दास महाराज

कमल अग्रवाल( हरिद्वार )उत्तराखंड

हरिद्वार ( ठाकुर मनोजानंद) हरिद्वार पावन धरा, जहाँ साक्षात् गंगा की लहरों में दिव्यता बहती है, वहीं श्रवण नाथ नगर स्थित प्रसिद्ध श्री रामानंद आश्रम में भक्ति और श्रद्धा का एक अनुपम संगम देखने को मिला। अवसर था—प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान महामंडलेश्वर 1008 श्री भगवान दास जी महाराज की अष्टम पुण्यतिथि का।

आश्रम के वर्तमान श्री महंत प्रेम दास जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक स्मृति उत्सव था, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का एक ऐसा केंद्र बना जहाँ शिष्यों और भक्तों की आँखों में अपने गुरु के प्रति अगाध प्रेम छलक रहा था।

ज्ञान का विशाल सूर्य: एक दिव्य व्यक्तित्व इस पावन अवसर पर अपनी भावांजलि अर्पित करते हुए रामसेवक उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्री महंत विष्णु दास जी महाराज ने गुरुदेव के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत मार्मिक शब्दों में कहा: “प्रातः स्मरणीय परम वंदनीय साकेत वासी श्री भगवान दास जी महाराज का सानिध्य किसी साधारण मनुष्य का सानिध्य नहीं, अपितु ईश्वर रूपी सानिध्य के स सामान था। जिस प्रकार सूर्य की किरणें किसी में भेदभाव नहीं करतीं, ठीक उसी प्रकार प्रातः स्मरणीय श्री भगवान दास महाराज की कृपा और ज्ञान की वर्षा भी समस्त भक्तों पर एक समान होती थी।” महंत जी ने उन्हें ‘ज्ञान का एक विशाल सूर्य’ बताया, जिन्होंने अपने तपोबल और विद्वत्ता से समाज के अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाने का कार्य किया। उनकी उपस्थिति मात्र से साधकों के संशय दूर हो जाते थे। श्रद्धा और उल्लास का वातावरण पुण्यतिथि महोत्सव को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आश्रम परिसर गुरुवाणी और भजनों से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम की कुछ प्रमुख झलकियाँ इस प्रकार रहीं: पावन सानिध्य: श्री महंत प्रेम दास जी महाराज की देखरेख में समस्त अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए। श्रद्धांजलि सभा: विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों से आए संतों ने महाराज जी के जीवन दर्शन पर चर्चा की। भंडारा व सेवा: गुरुदेव की स्मृति में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

 श्री भगवान दास जी महाराज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा रोपित ज्ञान के बीज आज भी शिष्यों के जीवन में वटवृक्ष बनकर उन्हें छाया प्रदान कर रहे हैं। रामानंद आश्रम में आयोजित यह अष्टम पुण्यतिथि इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चे संत की शिक्षाएं और उनका आशीर्वाद सदैव जीवंत रहता है। ऐसे महान मनीषी और ज्ञान के सूर्य को कोटि-कोटि नमन।

इस अवसर पर बाबा हठयोगी महाराज महंत नारायण दास पटवारी महाराज महंत आचार्य प्रमोद महाराज महंत शत्रुघ्न दास महाराज महंत हरिदास महाराज महंत दुर्गादास महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज महंत मोहन सिंह महाराज श्री सूरज दास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज सहित अनेक मठ मंदिरों आश्रमों से आये संत महापुरुष महंत श्री महंतों ने भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया

Check Also

ऋषिकेश नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त श्री विजय नाथ शुक्ला ने पदभार ग्रहण करने के उपरांत ऋषिकेश विधायक डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की

कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड ऋषिकेश : ऋषिकेश नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त श्री विजय नाथ शुक्ला …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *