सनातन धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाएंगे महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
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March 30, 2026
कमल अग्रवाल ( हरिद्वार)उत्तराखंड
हरिद्वार / (ठाकुर मनोज) सिद्ध पीठ आनन्द वन समाधि के परमाध्यक्ष स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया है। ब्रह्मलीन स्वामी प्रेमानंद सरस्वती महाराज की 36वीं पुण्य तिथी के अवसर सिद्ध पीठ आनन्द वन समाधि में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने चादर विधि कर स्वामी रामानुज सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया। पट्टाभिषेक के उपरांत संत समाज ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महामंडलेश्वर बेहद गरिमामयी पद है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती विद्वान संत हैं। महामंडलेश्वर बनने के बाद वे निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। उन्होेंने कहा कि पूरे विश्व की निगाहें अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर लगी हुई हैं। कुंभ मेला पूरी भव्यता और दिव्यता से संपन्न होगा। सरकार भी कुंभ मेले के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कर रही है।
नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत परंपरांओं के अनुरूप महामंडलेश्वर पद की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में निरंजनी अखाड़े की उन्नति में योगदान करेंगे।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सनातन को मजबूत करने में संतों की बड़ी भूमिका है। महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती धर्म और अध्यात्म की धारा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती संत परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में धर्म और अध्यात्म के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज किशोर सिन्हा ने कहा कि संत महापुरूषों के सानिध्य और आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मकता आती है। उन्होंने कहा कि संत महापुरूषों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए भारत जल्द ही विश्व गुरू की पदवी पर आसीन होगा। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद एवं महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी पुरी ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।
मेयर किरण जैसल, महंत बलवंत सिंह, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, श्रीमहंत राज गिरी, श्रीमहंत महेश पुरी, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, महंत केदारपुरी, महंत शुभम गिरी, महामंडलेश्वर गंगादास, स्वामी सतीश वन, महंत अरूण दास, स्वामी सुरेश मुनि, महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने भी महामंलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती को शुभकामनाएं दी। महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी, स्वामी आत्मानंद,स्वामी दिप्तानंद और आश्रम के ट्रस्टियों ने फूलमाला पहनाकर सभी संत महापुरूषों का स्वागत किया।