पूज्य पाद कृष्णा संजय जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया जन्मोत्सव
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September 5, 2026
कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड

हरिद्वार : श्यामपुर गाजीवली स्थित मोहन गोकुल धाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम पूज्य पाद कृष्णा संजय जी महाराज, पीठाधीश्वर मोहन गोकुल धाम, हरिद्वार के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुर जी का विधि-विधानपूर्वक पंचामृत से अभिषेक एवं स्नान कराया गया। इसके पश्चात भजन-कीर्तन, सत्संग और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक चरणामृत का प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर पूज्य पाद कृष्णा संजय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर विवेक, बुद्धि और धर्म के जागरण का संदेश है। कृष्ण का जन्म उस समय होता है जब जीवन में अधर्म, अज्ञान और अहंकार का अंधकार बढ़ जाता है। इसलिए जन्माष्टमी हमें प्रेरणा देती है कि हम अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर सत्य, प्रेम, करुणा और धर्म के प्रकाश को जागृत करें।
महाराज जी ने कहा कि श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्म तभी सार्थक है, जब मनुष्य के भीतर विवेक का उदय हो, बुद्धि सही और गलत का निर्णय करने लगे तथा कर्म धर्म के मार्ग पर चलने लगे। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से मानवता को कर्म, कर्तव्य, समत्व और आत्मज्ञान का अमर संदेश दिया। उनका जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, मनुष्य को अपने धर्म और कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का एक गहरा संदेश यह भी है कि कृष्ण को मंदिर में खोजने से पहले अपने हृदय में स्थान देना आवश्यक है। जहां प्रेम है, वहां कृष्ण हैं; जहां सत्य है, वहां कृष्ण हैं; जहां निष्काम कर्म और धर्म है, वहीं कृष्ण का वास है।
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था। पंचामृत अभिषेक, कथा, भजन, महाआरती और चरणामृत प्रसाद वितरण ने जन्माष्टमी महोत्सव को आध्यात्मिक रूप से और भी विशेष बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में पूज्य पाद कृष्णा संजय जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि भगवान श्रीकृष्ण सभी के जीवन में प्रेम, शांति, सद्बुद्धि, विवेक और धर्म का प्रकाश भरें तथा प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि और सनातन संस्कारों की ज्योति सदैव प्रज्वलित रखें।