जय मां बनभौरी देवी एवं महाराजा अग्रसेन परिवार, चंडीगढ़ की ओर से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
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September 26, 2026
कमल अग्रवाल (हरिद्वार) उत्तराखंड
हरिद्वार : भूपतवाला स्थित अग्रवाल भवन में जय मां बनभौरी देवी एवं महाराजा अग्रसेन परिवार, चंडीगढ़ की ओर से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य कलश यात्रा से हुआ।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हरिद्वार की पावन धरती और मां गंगा की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच निकली कलश यात्रा ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का संचार किया।
व्यास पीठ पर श्रीधाम वृंदावन से पधारीं पूज्या साध्वी समाहिता जी अपने मुखारविंद से सात दिनों तक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत रसपान कराएंगी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धर्म, सदाचार, संस्कार और सनातन जीवन मूल्यों का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा।
सनातन परंपरा में कलश यात्रा को मंगलारंभ, पवित्रता और ईश्वर के आह्वान का प्रतीक माना गया है। वहीं श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, प्रेम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। यही कारण है कि कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आयोजकों ने बताया कि हरिद्वार की पावन भूमि पर उनके परिवार द्वारा यह तीसरी श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। चंडीगढ़, हिसार, दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं और आध्यात्मिक लाभ अर्जित कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार प्रत्येक आयोजन के साथ श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस धार्मिक यात्रा की सफलता का श्रेय बांके बिहारी जी की कृपा को देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सनातन, आध्यात्मिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है।
आयोजन को सफल बनाने में श्री पवन गर्ग, श्री राजेंद्र गर्ग, श्री रमेश मित्तल, श्री सोनी गोयल, श्री निर्मल सिंगला एवं श्री राहुल गुप्ता सहित परिवार के सदस्य एवं श्रद्धालु विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।