श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वर्णन किया
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September 28, 2026
कमल अग्रवाल( हरिद्वार) उत्तराखंड

हरिद्वार : श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से पंचतत्वों की शुद्धि का संदेश दिया। कालिय नाग के मर्दन से यमुना के जल तत्व को शुद्ध किया, मिट्टी खाने की लीला के माध्यम से पृथ्वी तत्व, अग्नि भक्षण से अग्नि तत्व तथा इंद्र का मान मर्दन कर आकाश तत्व की शुद्धि का संदेश दिया।

साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना वध के माध्यम से जीव को अविद्या से मुक्त करने का संदेश दिया। माखन चोरी की लीला के माध्यम से उन्होंने भक्तों के मनरूपी माखन को चुराया, जबकि उखल बंधन की लीला से भक्तों की जड़ता दूर करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की गोचारण लीला को गोसेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देने वाली बताया। उन्होंने कहा कि भगवान स्वयं गोसेवा के लिए वन-वन विचरण करते थे। गोवर्धन लीला के माध्यम से भगवान ने प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रकृति का संरक्षण करेंगे तो प्रकृति भी हमारी रक्षा करेगी। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा महोत्सव भी श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया।