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युवाओं को व्यसन छोड़ सृजन में लगना चाहिए: श्रद्धेया शैलदीदी

कमल अग्रवाल ( हरिद्वार )उत्तराखंड

हरिद्वार  : गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं के लिए दो दिवसीय युवा जागरण शिविर का शुभारंभ हुआ। गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ ही संगीत विभाग के बहिनों ने ‘राष्ट्र के जागरण का समय आ गया’ प्रज्ञागीत प्रस्तुत किया।

शिविर से पूर्व युवाओं ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद लिया। श्रद्धेया शैलदीदी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को व्यसन और नकारात्मक प्रवृत्तियों को छोड़कर सृजनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। संस्कारित और जागरूक युवा ही समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा दे सकते हैं।

युवाओं को संबोधित करते हुए गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने जन्मशताब्दी वर्ष के संदर्भ में वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जीवन एवं आदर्शों पर प्रेरक विचार रखे। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा शक्ति राष्ट्र के लिए वरदान बन सकती है। दिशाहीन युवा सामाजिक समस्याओं को बढ़ा सकता है, जबकि संस्कारित युवा देश को प्रगति के पथ पर ले जाने की क्षमता रखता है। उन्होंने युवाओं से उपासना, साधना और आराधना को जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही गायत्री महामंत्र और युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बताए जीवन सूत्रों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया।

श्री आशीष सिंह ने युवाओं से स्वयं संस्कारित जीवन अपनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। श्री परमानंद द्विवेदी ने युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने तथा अन्य युवाओं को भी व्यसनमुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प कराया।

शिविर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) से जुड़े 300 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें आईएएस-पीसीएस अधिकारी सहित भारत सरकार एवं विभिन्न राज्यों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे युवा हैं, जबकि अनेक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। शिविर में युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, व्यसनमुक्ति, राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन, सेवा भावना और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के नव निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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