बाल श्रम और बाल अपराध की बढ़ती समस्या चिंताजनक, बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए समाज आगे आए: सुनीता चौधरी
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October 18, 2026
कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड
हरिद्वार : बाल श्रम और बाल अपराध की बढ़ती समस्या समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं हरिद्वार बाल कल्याण समिति सदस्य सुनीता चौधरी ने कहा कि बाल श्रम और बाल अपराध के पीछे आर्थिक गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा का अभाव और सामाजिक असमानता जैसे कई प्रमुख कारण हैं। इन परिस्थितियों के कारण जिन बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए, वे मजदूरी करने और अपराध की ओर बढ़ने को मजबूर हो रहे हैं। इससे न केवल उनका बचपन प्रभावित होता है, बल्कि उनके सपने और उज्ज्वल भविष्य भी संकट में पड़ जाते हैं।
सुनीता चौधरी ने कहा कि सरकार बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है। बाल कल्याण समिति भी जरूरतमंद, असुरक्षित और संकटग्रस्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने तथा उनके पुनर्वास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसके बावजूद बाल श्रम और बाल अपराध जैसी गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा और प्रत्येक व्यक्ति बच्चों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील नहीं होगा, तब तक इन समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाना कठिन है। बाल श्रम को रोकने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें अपराध की राह पर जाने से बचाने के लिए परिवार, समाज, प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।
सुनीता चौधरी ने अपील की कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलना चाहिए। बच्चों से मजदूरी कराने के बजाय उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करना और संकट में फंसे बच्चों की समय रहते सहायता करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों का बचपन बचाना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है।